भारतीय लोक नृत्यों की सूची, List of Indian folk dance in Hindi - GK 2 JOB, Hppsc gk questions in Hindi, gk, सामान्य ज्ञान के प्रश्न 2022,सामान्य ज्ञान प्रश्न

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भारतीय लोक नृत्यों की सूची, List of Indian folk dance in Hindi

 इस पोस्ट में प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे कि SSC CGL ,SSC CHSL, RRB NTPC, Group D, Railway इत्यादि के लिए भारतीय लोक नृत्यों की सूची से सामान्य ज्ञान के  महत्वपूर्ण प्रश्न  discuss किए गए हैं|

भारतीय  लोक नृत्यों की सूची, List of Indian  folk dance in Hindi


भारत विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं का देश है भारत लोकनृत्य एवं आदिवासी नृत्य वास्तव में सरल होते हैं और इन्हें मौसमों के आगमन , बच्चों के जन्म ,शादी,  ब्याह ब त्योहारों के मौकों पर अपनी खुशी जाहिर करने के लिए किया जाता है । लोक कला एक समूह या स्थान विशेष के लोगों का आम प्रदर्शन होता है ।
List of Indian folk dances

 भारत के अलग अलग राज्यों के लोक नृत्य के बारे में लिखा गया है जो आपको यूपीएससी, राज्य पीएससी, एसएससी बैंक  की परीक्षा आदि में मदद करेंगे

जम्मू और कश्मीर               राउफ   ,दमाली ,कुद ,दंडी नाच

पंजाब                              भांगड़ा और गिद्दा

हिमाचल प्रदेश                    छपेली ,टंडानाव,  नाटी, दांगी थाली, झमाकड़ा

उत्तराखंड                          गढ़वाली,  कुमाऊनी , रासलीला

हरियाणा                           खेड़ा ,धमाल ,मंजीरा

राजस्थान                           कठपुतली ,तेराताली ,घूमर, चाकरी, सुइसिनी , पनिहारी

उत्तर प्रदेश                        रासलीला ,चरकुला ,नौटंकी, झोरा, कजरी

गुजरात                             गरबा ,डांडिया

मध्य प्रदेश                          करमा ,सैला, पंडवानी, गणगौर

बिहार                                विदेशिया

पश्चिम बंगाल                      कीर्तन

उड़ीसा                              ओडीसी, सवारी

झारखंड                            पाइका ,     छऊ

छत्तीसगढ़                          रहस , सुआ , गाड़ी , नाचा


आंध्र प्रदेश                         कुचीपुड़ी ,बेदी नाटकम ,   घंटामरदाला

महाराष्ट्र                             लावणी, नकटा, कोली, तमाशा

गोवा                                 खोल  ,दकनी, मांडी , झाकोर

कर्नाटक                             यक्षगान ,करगा , लांबी , वीरगास्ते

तमिलनाडु                           भारतनाट्यम

केरल                                   कथकली मोहिनीअट्टम

असम                                 बिहू, बिछुआ ,खेल गोपाल, नागा

अरुणाचल प्रदेश                   युद्ध नृत्य , मुखौटा नृत्य

नागालैंड                             बांस नृत्य , चोंग, खेवा

मेघालय                              लाहो , बागला

मणिपुर                              मणिपुरी ,राखाल

कुचिपुड़

इस नृत्य का नाम आंध्र प्रदेश में एक गांव के नाम पर रखा गया है यह लगभग पूरे दक्षिण भारत में प्रसिद्ध है इस नृत्य में कर्नाटक संगीत के साथ बाय लर्न मृदंगम इत्यादि यंत्रों का प्रयोग भी किया जाता है इसमें नर्तक विशेष भूषण व वस्त्र पहनते हैं।

पंथी नृत्य


यह नृत्य छत्तीसगढ़ के एक संत गुरु घासीदास के पंध से ही प्लीज नृत्य का नामकरण हुआ है इसमें नरपत जांच एवं मृदंग की ध्वनि पर सफेद धोती पहनकर नृत्य करते हैं अचंभित करने वाले कारनामे दिखाते हैं यह नृत्य आध्यात्मिक भावनाओं पर आधारित होता है यह नृत्य निर्गुण भक्ति पर आधारित सतनामी समुदाय के द्वारा किया जाता है।

पंडवानी

यह नृत्य मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में किया जाता है यह एक लोक नृत्य होता है इसमें गायन और नृत्य दोनों एक साथ किए जाते हैं यह मुख्य रूप से पांडवों पर आधारित घटनाओं का चित्रण होता है।

गणगौर नृत्य

यह मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र का सबसे लोकप्रिय नृत्य है यह चैत्र मास की नवरात्रि में किया जाता है यह मां गौरी और शिव की उपासना के लिए होता है।

बिहू


बिहू असम का सबसे लोकप्रिय नृत्य है बिहू असम की कक्षा री जनजाति के लोगों द्वारा किया जाता है यह फसल की कटाई के दौरान किया जाता है बिहू नृत्य की वेशभूषा बहुत ही अधिक साधारण होती है बिहू नृत्य को करने के लिए पारंपरिक वस्त्र जैसे धोती गमछा आदि पहने जाते हैं यह साल में तीन बार मनाया जाता है।

गरबा

गरबा गुजरात के नृत्य में से सबसे मुख्य लोकप्रिय नृत्य यह नवरात्रि के अवसर पर किया जाता है गरबा को मां दुर्गा की अराधना के लिए किया जाता है मगर यह नवरात्रों में लगभग सारे भारत में मनाया जाता है।

भांगड़ा

यह नृत्य पंजाब के लोगों द्वारा किया जाता है यह पंजाब के त्योहारों और उत्सवों का वर्णन करता है यह यहां  के पुरुषों द्वारा प्रस्तुत किया जाता है ।

गिद्धा

गिद्दा भी  पंजाब का ही एक लोक नृत्य है यह बहुत प्रसिद्ध लोक नृत्य है यह पंजाब की महिलाओं द्वारा पारंपरिक पंजाबी वस्त्र पहन कर प्रस्तुत किया जाता है यह पंजाब की शादियों मैं प्रस्तुत किया जाता है।

नौटंकी

नौटंकी नृत्य उत्तर प्रदेश के बहुत सारे इलाकों में प्रस्तुत किया जाता है नौटंकी नृत्य को हरिगीतिका कव्वाली गजल छंद दोहा इत्यादि के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है इसमें गाय नृत्य अभिनय की बहुत सारी किस में शामिल रहती है यह बहुत ही सुंदर व रोचक होता है नौटंकी में बहुत सारे राष्ट्र जैसे हास्य वीर रस इत्यादि शामिल रहते हैं इसमें समय सीमा बहुत कम होती है नौटंकी में कई बातें यंत्रों का उपयोग भी किया जाता है ।

यक्ष गान


यक्ष गान  कर्नाटक की एक बहुत ही लोकप्रिय नृत्य नाटिका है
जिसमें युद्ध से जुड़े पहलुओं को दर्शाया जाता है यह रात के समय पर प्रस्तुत किया जाता है इसको प्रस्तुत करने के लिए धान के खेतों में यह नाटक आती जाती है।

मोहिनीअट्टम


मोहिनीअट्टम शास्त्रीय परंपरा आधार पर आधारित एक लोक नृत्य है यह केरल राज्य में प्रस्तुत किया जाता है इस नृत्य में भाव आंखों की तथा हाथों के हाव भाव के द्वारा प्रदर्शित किए जाते हैं इसमें नृत्यांगना केरल की विशेष सफेद रंग की सुनहरी जरी वाली साड़ी पहनती है यह  लोक नृत्य हिंदू पौराणिक कथाओं को प्रस्तुत करता है।

कथकली


कथकली एक प्रकार की नृत्य नाटिका होती है यह  केरल राज्य में प्रस्तुत की जाती है इसमें रामायण व महाभारत के चित्रों का रूपांतरण किया जाता है इस नृत्य में हाथों की मुद्राओं को चेहरे के भावों का विशेष महत्व होता है इस नृत्य को करने के लिए विशेष वस्त्र सर पर मुकुट का प्रयोग करना पड़ता है।

विदेशिया


यह लोक नृत्य बिहार के कुछ इलाकों खासकर ग्रामीण इलाकों में बहुत ही लोकप्रिय है यह भोजपुरी भाषी नृत्य है इसमें समाज से जुड़ी कुरीतियों को  मनमोहक नृत्य के साथ समाप्त करने का संदेश दिया जाता है।

ओडीसी


ओडिसी नृत्य एक बहुत ही प्राचीन कला है जिसमें देवदासीनी भगवान श्री विष्णु श्री कृष्ण और भगवान श्री जगन्नाथ का वर्णन करती है और इसी नृत्य में हस्त मुद्राएं बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है यह नृत्य प्रारंभ में मंदिरों में देवदासी के द्वारा शुरू किया गया था।

नाटी

नाटी हिमाचल प्रदेश का सबसे लोकप्रिय लोक नृत्य है  इसको इसको समूह में प्रस्तुत किया जाता है सबसे बड़ा लोक नृत्य होने के नाते इसको गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में लिस्टेड किया गया है ।

थाली

यह नृत्य हिमाचल प्रदेश मैं प्रस्तुत किया जाता है यह नीचे कई मोको जैसे शादी-ब्याह मुख्य त्योहारों मैं किया जाता है ।
इस लोक नृत्य में गायक एवं नर्तक एक गोल धारे में बैठते हैं तथा एक-एक करके अपनी प्रस्तुति देते हैं इस नृत्य को आकर्षक बनाने के लिए नर्तक सर पर पानी से भरा लोटा रखकर भी नृत्य करते हैं इस नृत्य को थाली नृत्य इसलिए कहा जाता है क्योंकि क्योंकि इसमें लोग गोल घेरे में  बैठकर यह प्रस्तुति देते हैं।

छाऊ नृत्य

यह नृत्य पश्चिम बंगाल में प्रस्तुत किया जाता है संगीत से भरपूर इस नृत्य को पश्चिम बंगाल के साथ-साथ उड़ीसा और बिहार में भी किया जाता है यह नृत्य सूर्य पूजा मौके पर किया जाता है जिसमें मुखोटे लगाकर रामायण एवं महाभारत की घटनाओं का वर्णन सुंदर मनमोहक तरीके से किया जाता है।


जात्रा


यह यह नृत्य भी पश्चिम बंगाल के इलाकों में किया जाता है इस नृत्य में अभिनय के साथ-साथ गीत और संगीत वाद विवाद का आयोजन होता है।

छोलिया


उत्तराखंड में प्रचलित इस नृत्य मैं जब विवाह तलवार की नोक पर हुआ करते थे उसका वर्णन किया जाता है यह नृत्य कई दशकों  से भी पुराना है इस नृत्य को  विवाह के अवसर पर जब बारात निकलती है तो कुछ लोग पारंपरिक वेशभूषा पहले यह  करते हैं यह नृत्य लड़के के घर से लेकर लड़की के घर तक किया जा सकता है।

भवाई



यह नृत्य राजस्थान की उदयपुर क्षेत्र के आसपास किया जाता है । इस नृत्य को करने के लिए महिलाएं अपने सिर पर मटको को रखती है और मटठों की संख्या 8 से 10 तक होती है । इस नृत्य को प्रस्तुत करते वक्त महिलाएं या नर्तकी है किसी थाली गिलास पर या तलवार पर खड़े होकर यह नृत्य करती है। यह  बहुत लोकप्रिय नृत्य है।


कालबेलिया 




यह नृत्य राजस्थान में किया जाता है और इस नृत्य को करने के लिए राजस्थान की कालबेलिया नाम की जनजाति होती है यह नृत्य कला और संस्कृति से भरपूर होता है।


घूमर 


घूमर नृत्य भी राजस्थान का ही एक लोक नृत्य है यह प्रत्येक त्योहार उत्सव समारोह में किया जाता है इसे महिलाओं द्वारा  ही किया जाता है । इस नृत्य को करने के लिए महिलाएं लंबा घागरा पहनती है इसलिए इसको घूमर कहा जाता है।


तेरहताली



इस नृत्य को करने के लिए महिलाएं अपने शरीर पर म़जीरों को बांधती है और गीत की लय ब ताल के साथ उन्हें बजाती है यह नृत्य राजस्थान की महिलाओं द्वारा किया जाता है वह पुरुष इसमें भजन करते हैं ।


रऊफ


यह नृत्य जम्मू कश्मीर का लोकप्रिय नृत्य है यह मृत्यु फसल की कटाई के उपलक्ष में किया जाता है यह नृत्य महिलाओं के द्वारा ही किया जाता है।


लावणी


यह नृत्य महाराष्ट्र का सबसे अधिक किया जाने वाला नृत्य है यह नृत्य विशेष पारंपरिक परिधान में किया जाता है इस नृत्य को सिर्फ महिलाएं ही करती हैं। इसमें नृत्यांगना 9 मीटर की साड़ी पहनती है यह नृत्य अध्यात्म एवं श्रृंगार दोनों का ही मेल होता है ।


तमाशा


यह नृत्य महाराष्ट्र में किया जाने वाला नाटिका नृत्य है इस नृत्य को करने के लिए महिलाओं की मुख्य भूमिका रहती है इस नृत्य में हारमोनियम मजीरा घुंघरू आदि यंत्रों का प्रयोग किया जाता है यह नृत्य  कोल्हाटी समुदाय के द्वारा किया जाता है ।

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