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भारत के राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत में अंतर

राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत में अंतर , General knowledge  Questions and Answers in Hindi 2021  सभी तरह के प्रतियोगी परीक्षाओं  के  लिए JOA, TGT TET, JBT TET, TGT commision, Nursing, SSC, IBPS Clerk, IBPS PO, RBI, TET, SSC CGL, SSC CHSL, ALLIED SERVICES, SUB INSPECTOR EXAMS, पटवार , सेना भर्ती, पुलिस भर्ती इत्यादि के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न यहां पर शामिल किए गए हैं। तो इस तरह आप इस पोस्ट के सारे प्रश्न पढ़ के हिमाचल प्रदेश और अन्य परीक्षाओं के बारे में वो सब जान सकते हैं जो प्रतियोगी परीक्षा में पूछा जाता है। 

भारत के राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत में अंतर


राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत में अंतर


हमारा देश भारत जिसको 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली  थी।  आजादी का मतलब अब हम किसी के गुलाम नहीं रहे।  आजादी के बाद सत्ता पर हमारा खुद यानि हमारे अपने लोगों का नियंत्रण होगा।  आजादी से पहले मतलब  15 अगस्त 1947 से पहले सत्ता पर अंग्रेजों का नियंत्रण था।  वह जो कानून अंग्रेज बनाते थे उसका हमें पालन करना पड़ता था चाहे वह हमारे लिएदु दुखदाई हो या सुखदाई हो , मतलब हमारे हित में हो या हमारे हितों के खिलाफ हो,  हमेशा हमें उस सभी कानूनों का पालन करना ही पड़ता था। आजादी का मतलब है कि अब हम खुद की चुनी हुई सरकार बनाएं जो अपने लोगों के लिए काम करें और उनके हितों का ख्याल रखें|

जब कोई देश आजाद होता है तो उसके अपने कुछ  चिन्ह भी निर्धारित होते हैं जैसे राष्ट्रीय ध्वज ,राष्ट्रीय खेल ,राष्ट्रीय पक्षी, राष्ट्रीय पशु , राष्ट्रीय मुद्रा , राष्ट्रीय राष्ट्रगान , राष्ट्रगीत इत्यादि।  हमारा भारत जब आजाद हुआ था उसके बाद हमने भी अपना राष्ट्रगान चुना ,अपना राष्ट्रगीत चुना | राष्ट्रगान को national anthem और राष्ट्रगीत को national song कहते हैं| 

जब भी किसी सरकारी  कार्यक्रम का विधिवत रूप से समापन होता है तो सबसे अंत में राष्ट्रगान गाकर उस कार्यक्रम को समाप्त किया जाता है | आपने भी देखा होगा या जब आप अपने  स्कूल में पढ़ते होंगे तो सुबह प्रार्थना सभा की समाप्ति राष्ट्रगान के बाद ही होती है कई जगह राष्ट्रगीत को भी प्रार्थना सभा में शामिल किया जाता है| 

लेकिन बहुत सारे लोगों और बच्चों को अभी भी यह पता नहीं  है कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान में क्या फर्क है? 

तो आइए आज हम राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत में क्या फर्क है यह जानते हैं 

वैसे तो हम सभी को पता ही है कि जो जन गण मन है वह हमारा राष्ट्रगान है और वंदे मातरम को हम राष्ट्रीय गीत कहते हैं  


राष्ट्रगीत


हमारे भारत का आजादी के बाद जो राष्ट्रगीत है उसको हम वंदे मातरम कहते हैं,  वंदे मातरम की रचना बंगाली लेखक बंकिम चंद्र चटर्जी ने की थी यह बंगाली भाषा के उपन्यास "आनंदमठ"  से ली गई एक कविता है जिसे भारत के प्रसिद्ध कवि रविंद्रनाथ टैगोर ने स्वर वध किया था | राष्ट्रगीत को पहली बार 1896 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया था | हमारा राष्ट्रीय गीत देश की भावना से ओतप्रोत है,  हमारे राष्ट्रगीत को 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रीय गीत का दर्जा मिला था

हमारे राष्ट्रीय गीत की सबसे खास बात यह है कि इसको लेकर कोई भी नियम या कानून नहीं है इसको कोई भी भारतीय कहीं भी कैसे भी गा सकता है| वैसे अगर हम बात करें राष्ट्रीय गीत को गाने के समय की तो इसको लगभग 65 से लेकर 72 सेकंड में गाकर खत्म किया जाता है |


 यह है हमारा राष्ट्रीय गीत



वन्दे मातरम्
सुजलां सुफलाम्
मलयजशीतलाम्
शस्यश्यामलाम्
मातरम्।

शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीम्
फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीम्
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम्
सुखदां वरदां मातरम्॥ १॥

कोटि कोटि-कण्ठ-कल-कल-निनाद-कराले
कोटि-कोटि-भुजैर्धृत-खरकरवाले,
अबला केन मा एत बले।
बहुबलधारिणीं
नमामि तारिणीं
रिपुदलवारिणीं
मातरम्॥ २॥

तुमि विद्या, तुमि धर्म
तुमि हृदि, तुमि मर्म
त्वम् हि प्राणा: शरीरे
बाहुते तुमि मा शक्ति,
हृदये तुमि मा भक्ति,
तोमारई प्रतिमा गडी मन्दिरे-मन्दिरे॥ ३॥

त्वम् हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी
कमला कमलदलविहारिणी
वाणी विद्यादायिनी,
नमामि त्वाम्
नमामि कमलाम्
अमलां अतुलाम्
सुजलां सुफलाम्
मातरम्॥४॥

वन्दे मातरम्
श्यामलाम् सरलाम्
सुस्मिताम् भूषिताम्
धरणीं भरणीं
मातरम्॥ ५॥



राष्ट्रगान


हमारे  राष्ट्रगान को 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा द्वारा स्वीकार किया गया था और इसे अब संवैधानिक दर्जा प्राप्त है|  राष्ट्रगान जिसको हम जन-गण-मन कहते हैं को श्री रविंद्र नाथ टैगोर ने लिखा था |

श्री रविंद्र नाथ टैगोर ने हमारे राष्ट्रगान की रचना 1911 में ही कर ली थी ,इसे पहली बार 27 दिसंबर 1911 को कोलकाता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की बैठक में गाया गया था | जन-गण-मन  को 24 जनवरी 1950 को नेशनल एंथम के रूप में स्वीकार किया गया था | 


राष्ट्रगान को गाने के नियम



राष्ट्रगान को गाने  के कई नियम है और इन नियमों का पालन न करने पर कानून में सजा ओर जुर्माने का भी प्रावधान है|

राष्ट्रगान को 52 सेकंड में गाकर समाप्त किया जाता है | राष्ट्रगान को कहीं भी बचता हुआ देखकर हमारे भारत देश के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अगर कहीं बैठा हुआ है तो उसी जगह पर खड़ा हो जाए और सावधान मुद्रा में रहे तथा उससे यह अपेक्षा भी की जाती है कि वह राष्ट्रगान को दोहराए |

जन-गण-मन अधिनायक जया हे 

भारत भाग्य विधाता |

पंजाब सिंध गुजरात-मराठा

द्रविड़-उत्कल-बंग

 विंध्य हिमाचल यमुना गंगा 

उच्छल जलधि तरंग

तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मांगे

गाहे तव जय गाथा |

जन-गण मंगल दायक जय हे भारत भाग्य विधाता |

 जय हे ,जय हे, जय हे, 

जय जय जय जय जय हे|


 प्रतियोगी परीक्षाओं जैसेकि JOA, TGT TET, JBT TET, TGT commision,Nursing, SSC, IBPS Clerk, IBPS PO, RBI, TET, पटवार , सेना भर्ती, पुलिस भर्ती इत्यादि के लिए विज्ञान प्रश्नोत्तरी 2021 ,General science Questions and Answers in Hindi 2021  को शामिल किया गया था | आप इस पोस्ट  के बारे  में  अपनी बहुमूल्य राय  कमेंट बॉक्स  में जरूर दें. 

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नीचे  दिए  quiz को खेल कर अपना स्कोर चेक करें 


 
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